उत्तरप्रदेश

योगी जी ये कौन सी पुलिसिंग है?

 

यूपी में लाख कोशिश के बावजूद पुलिस सुधरने का नाम नहीं ले रही है।मामला तब और गंभीर हो जाता है जब कतिपय पुलिस अधिकारी दागदार मातहतों को बचाने के खेल में जुट जाते हैं। जौनपुर जिले में क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर पद पर तैनात रविन्द्र देव शुक्ल नामक इंस्पेक्टर ने अपनी हनक दिखाते हुए एक मकान पर गुंडई पूर्वक कब्जा कर लिया और बाद में यह धमकी देकर भौकाल दिखाने की कोशिश करता रहा कि कहीं शिकायत किया तो किसी फर्जी मामले में फसा कर जेल भेजवा दूंगा या किसी पेशेवर सूटर से सेटिंग करके मर्डर करवा दूंगा। डरा सहमा परिवार कहीं शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा था। बाद में किसी तरह हिम्मत जुटाकर भुक्तभोगी गौरी शंकर त्रिपाठी की पत्नी ने महिला आयोग को शिकायती पत्र भेज कर अपना दर्द बया किया।

इसके बाद खुद भुक्तभोगी ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई पुलिस अफसरों से शिकायत किया। महिला आयोग और मुख्यमंत्री कार्यालय के पूछताछ के बाद हड़कंप मचा और प्रयागराज जनपद के नवाबगंज थाने में इंस्पेक्टर के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया। गौर तलब है कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपित इंस्पेक्टर को अभी तक न तो दरोगा को गिरफ्तार किया गया और न ही विभागीय नियमानुसार इसे सस्पेंड किया गया। आरोपित इंस्पेक्टर रविन्द्र देव शुक्ल जौनपुर जिले की क्राइम ब्रांच में तैनात है इसे 31 जुलाई को रिटायर्ड भी होना है। आरोप है कि जौनपुर के एसपी मामले की लीपापोती में जुटे हैं। भुक्तभोगी परिवार ने दोबारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले से अवगत कराते हुवे न्याय की गुहार लगाई है। उधर एसपी जौनपुर मामले को ठंडे बस्ते में डालकर इंस्पेक्टर के सकुशल रिटायर्ड होने के खेल में जुट गए हैं।


नवाबगंज क्षेत्र के बैजू तिवारी का पूरा (सेरावा) निवासी गौरी शंकर त्रिपाठी का एक मकान नवाबगंज चौराहे पर बैंक ऑफ बड़ौदा के बगल स्थित है। पुलिस के मुताबिक कुछ साल पहले दरोगा रवीन्द्र देव शुक्ल नवाबगंज थाना में तैनाती के दौरान इस मकान में बतौर किरायेदार रहने आया। बाद में उसने मकान का किराया देना बंद कर दिया और मकान खाली करने से मना कर दिया। पुलिस को दी गई तहरीर में शिकायत की गई है कि इस बीच दरोगा खुद को क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताता और धमकाया करता कि जब चाह लेंगे तब पूरे परिवार को फर्जी मामले में फंसाकर जेल में सड़वा देंगे। डरे सहमे भुक्तभोगी ने इस मामले में जौनपुर के एसपी को शिकायती पत्र भेजा, और खुद कई बार जौनपुर एसपी कार्यालय जाकर न्याय की गुहार लगाई।

आरोप है कि वहा की पुलिस टालमटोल करती रही। करीब एक महीने भागदौड़ करने के बाद भी जौनपुर पुलिस के टालू रवैए को देख कर भुक्तभोगी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाते हुए शिकायती पत्र भेजा। सीएम कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रयागराज के डीआईजी के०पी० सिंह , एसएसपी अतुल शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने के बाद एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। भुक्तभोगी गौरी शंकर त्रिपाठी की तहरीर पर नवाबगंज थाना में इंस्पेक्टर रवीन्द्र देव शुक्ल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।
भुक्तभोगी गौरी शंकर त्रिपाठी ने बुधवार को डीआईजी वाराणसी को प्रार्थना पत्र भेज कर विभागीय नियमावली का हवाला देकर अभियुक्त बनाए गए इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने की मांग की है।

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लेखक सबलोग के उत्तरप्रदेश ब्यूरोचीफ और भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के प्रदेश महासचिव हैं| +918840338705, shivas_pandey@rediffmail.com

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