चर्चा में

नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध

  • तमन्ना फरीदी 

नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुवाहाटी में नागरिकता (संशोधन) विधेयक के विरोध में काले झंडे दिखाए गए। लोगों ने पुतले जलाने के साथ निर्वस्त्र होकर इसके विरोध में प्रदर्शन किया। निर्वस्त्र होकर जनता भवन (राज्य सचिवालय) के सामने विरोध प्रदर्शन करने के बाद कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के छह कार्यकर्ताओं को शनिवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। केएमएसएस कार्यकर्ता कार से यहां पहुंचे थे। ताई अहोम युवा परिषद ने राज्य में प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध करने के लिए 12 घंटे की बंद बुलाया था जिसका असर असम के ऊपरी जिले तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, सिबसागर, लखीमपुर और जोरहट में देखने को मिला। इन जिलों में वाहन सड़कों से नदारद रहे और दुकानें बंद रहीं। केएमएसएस सहित 70 अन्य संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया। ऑल असम स्टूडेट्स यूनियन (आसू) ने दावा किया कि पुलिस ने उसके कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए लाठियों का हल्का बल प्रयोग किया। चांगसारी में आयोजित प्रधानमंत्री की रैली से 10 किलोमीटर दूर अमिगांव-हाजो रोड पर कार्यकर्ता मोदी को काले झंडे और काले गुब्बारे दिखाने के लिए जमा हुए थे। राज्य के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के पुतले जलाए और हवा में काले गुब्बार छोड़े। राज भवन से हवाई अड्डे जा रहे मोदी को मचखोवा इलाके में असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद (एजेवाईसीपी) के प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए। आठ जनवरी को लोकसभा में पारित हुआ नागरिकता (संशोधन) विधेयक, बांग्लादेश, पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान करता है। पूर्वोत्तर में कई संगठनों ने इस विधेयक का यह दावा करते हुए विरोध किया है कि वह क्षेत्र के मूलनिवासियों के अधिकारों को कमतर कर देगा। यह विधेयक हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी व ईसाइयों को, जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत आए हैं, या जिनके वैध दस्तावेजों की समय सीमा हाल के सालों में खत्म हो गई है, उन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाता है. यह विधेयक बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के छह गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के लोगों को भारतीय नागरिकता हासिल करने में आ रही बाधाओं को दूर करने का प्रावधान करता है. असम के दौरे पर गए पीएम मोदी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर जानबूझकर गलत जानकारी फैलाई गई. उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्ष में बैठी पार्टियों का काम सिर्फ लोगों को गुमराह करना है. पीएम मोदी ने कहा कि असम के साथ-साथ देश में के किसी भी हिस्से में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने देश को बर्बाद कर दिया है. हमारी सरकार पूर्वोत्तर की जनता के अधिकारी की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है. पीएम मोदी ने कांग्रेस और अन्य पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि जो दिल्ली में एसी के कमरे में बैठते हैं और जिनका काम है सिर्फ संसद में हर बात का विरोध करना है, वह इस बिल को लेकर सिर्फ गलत सूचना ही फैला रहे हैं. पीएम ने कहा कि दूसरी पार्टी तो सत्ता में रहने के बाद भी बीते 35 वर्षों में क्लॉज 6 जो असम समझौते की आत्मा है को लागू नहीं कर पाए.

लेखिका सबलोग के उत्तर प्रदेश ब्यूरो की प्रमुख हैं|

सम्पर्क- +919451634719, tamannafaridi@gmail.com

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लोक चेतना का राष्ट्रीय मासिक सम्पादक- किशन कालजयी

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