प्रेस रिलीज़

वैक्सीनेशन का महत्व

 

एक कहावत है रोकथाम इलाज से बेहतर है। आज हम सभी भारतवासियों को इसपर गम्भीरतापूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर से देश जूझ रहा है। कई जिंदगियों को इस महामारी ने तबाह किया। लाखों लोग बेमौत मारे गये। लेकिन अब इस बीमारी से लड़ने के लिए आपके पास हथियार के रूप में वैक्सीन उपलब्ध है।

समाज में कई लोग वैक्सीन लगवाने से डर रहे हैं, कई तरह की भ्रांतियां फैलायीं जा रही हैं। यह पूर्णतः गैरजिम्मेदाराना है। हमें मिलकर इस महामारी का मुकाबला करना है। ऐसे में हमें यह समझना चाहिए कि वैक्सीन ही एकमात्र विकल्प है। कोरोना को हराने के लिए जन जागरूकता और वैक्सीन दोनों ही महत्वपूर्ण है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण की सबसे कारगर दवा वैक्सीन ही है। वैज्ञानिकों के अनुसार वैक्सीन लगवाने के उपरांत तीसरी लहर में हमें संक्रमण से लड़ने में बड़ी सहायता मिलेगी साथ ही अगर पूरा देश वैक्सीनेट होगा तो भविष्य में देश की जनता को लाकडाउन जैसे कड़े फैसलों का सामना भी शायद न करना पड़े। उदाहरण के तौर पर हाल ही में अमेरिका ने 60 प्रतिशत वैक्सीनेशन के बाद अपने आप को मास्क फ्री देश घोषित कर दिया।

इसलिए आप सभी से गुजारिश करता हूँ कि अपने स्वजनों को बचाने और समाजहित व देशहित में अपना योगदान जरूर दें। खुद भी वैक्सीन लगवाएं और परिवार के हर सदस्य को जरूर लगवाएं। साथ ही सभी को प्रेरित भी करें। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित भी है कारगर भी। मैनें भी जिम्मेदार नागरिक होने का अपना फर्ज निभाया है और वैक्सीन की पहली डोज ले ली है।

साथ ही मेरा केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों से भी अनुरोध है के इस टीकाकरण की प्रक्रिया को और अधिक गति प्रदान करें व इसकी प्रक्रिया को सरल बनाया जाए जिससे हर नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सके।

इसके अलावा मैं देश में कार्यरत तमाम फ्रंटलाइन वर्कर्स एवं डाक्टरों व विभिन्न स्वयं सेवी संस्थानो का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ जो इस मुश्किल घड़ी में अपने दायित्व का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। विकट परिस्थितियों में अपनी जान को जोखिम में डाल इंसानियत को बचाने का इन सभी योद्धाओं का कार्य सराहनीय है।

-:शरद यादव:-

  पूर्व केंद्रीय मंत्री

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लोक चेतना का राष्ट्रीय मासिक सम्पादक- किशन कालजयी

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