रविभूषण

रविभूषण

लेखक वरिष्ठ आलोचक और जन संस्कृति मंच के पूर्व अध्यक्ष हैं। सम्पर्क +919431103960, ravibhushan1408@gmail.com
  • Jul- 2021 -
    11 July
    चर्चा मेंस्टेन स्वामी की मृत्यु

    स्टेन स्वामी की मृत्यु हुई है या हत्या?

      सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन बी लोकुर के अनुसार स्टेन स्वामी (26.4.1937 – 5.7.2021) के खिलाफ आरोप लगाये बिना और बिना मुकदमे के उन्हें मौत की सजा सुना दी गयी है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय यूनियन के प्रतिनिधियों…

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  • 3 July
    चर्चा में

    तुझे खामोश रहना है

      यह शीर्षक गुजराती साहित्य परिषद की पाक्षिक पत्रिका ‘निरीक्षक’ के 16 जून 2021 के अंक में प्रकाशित पारुल खख्खर की 14 पंक्तियों की कविता ‘तारे बोलवानुं नहि’ का हिन्दी अनुवाद है। इस कविता का हिन्दी अनुवाद इन पंक्तियों के…

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  • Jun- 2021 -
    22 June
    चर्चा मेंगुजराती लेखकों

    गुजराती लेखकों के विरोधी स्वरों की गूँज

      गुजरात साहित्य अकादमी एक सरकारी संस्था है और गुजराती साहित्य परिषद गुजराती साहित्य के विकास और उन्नति के लिए सही अर्थों में साहित्य परिषद है, जिसकी स्थापना रणजीत राय मेहता (25.10.1881 – 04.06.1917) ने गुजराती समाज के सभी वर्गों के लिए…

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  • 12 June
    चर्चा में

    और अब लिटरेरी नक्सल

    फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री और ‘गुजरात साहित्य अकादमी’ के अध्यक्ष विष्णु पाण्ड्या के बीच कुछ अद्भुत समानता है। 45 वर्षीय विवेक अग्निहोत्री मोदी सरकार के कट्टर समर्थक हैं और विष्णु पाण्ड्या को पद्मश्री की उपाधि नरेंद्र मोदी के प्रधानमन्त्री बनने…

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  • May- 2021 -
    23 May
    चर्चा में

    चित्रा मुद्गल और पारुल खक्कर

      77 वर्षीय चित्रा मुद्गल हिन्दी की प्रसिद्ध चर्चित लेखिका हैं और गुजराती कवयित्री 51 वर्षीय पारुल खक्कर चित्रा मुद्गल से 26 वर्ष छोटी हैं, जिनके नाम से 11 मई से पहले गुजरात के बाहर का साहित्य-संसार अपरिचित था। चित्रा…

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  • Apr- 2021 -
    27 April
    चतुर्दिक

    अकादमिक आजादी की रक्षा का सवाल

      अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के साथ अकादमिक स्वतन्त्रता सदैव जुड़ी हुई है। पिछले सात वर्ष में अभिव्यक्ति की आजादी जिस तीव्रता से घटी है, वह भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक साथ लोकतन्त्र और संविधान पर भी विचार करने को…

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  • 4 April
    मुद्दा

    आन्दोलन के नाम पर अश्लील अराजकता

    आहत अकादमिक वातावरण से उपजे सवाल    पिछले मार्च महीने में तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में दो बड़ी सुखद-दुखद घटनाएँ हुईं, जिनपर सबका ध्यान है। 18-19 मार्च को रेणु की जन्म शती के अवसर पर दो दिनों की…

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  • Feb- 2021 -
    3 February
    चर्चा में

    अडानी-अम्बानी और कृषि कानून

    अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्र को अपने सम्बोधन में यह कहा है कि दुनिया के सामने हमें अपनी ताकत का उदाहरण नहीं, बल्कि उदाहरणों की ताकत पेश करनी है। लोकतान्त्रिक देशों की सरकारें यह नही…

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  • Jan- 2021 -
    15 January
    चर्चा में

    कृषि कानून और किसान आन्दोलन

      रामधारी सिंह दिनकर ने 1933 की अपनी एक कविता ‘दिल्ली’ में दिल्ली को ‘कृषक-मेध की रानी’ कहा है। स्वतन्त्र भारत में कृषि प्रश्नों, समस्यायों पर कम ध्यान दिया गया। सरकार किसी भी दल की रही हो, कृषि-सम्बन्धी सभी समस्यायों…

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  • Jun- 2020 -
    10 June
    अंतरराष्ट्रीयcorona crisis

    कोरोना संकट: नवउदारवादी नीतियों का ‘प्रोडक्ट’

      पिछले महीने अप्रैल के आरम्भ में 91 वर्षीय नोम चोम्स्की  (7.12.1928) ने 37 वर्षीय क्रोट्शियाई दार्शनिक, लेखक, राजनीतिक कार्यकर्त्ता और ‘डेमोक्रेसी इन यूरोप मूवमेंट 2025(डीआईईएम25)’ के सहसंस्थापक स्रेको होर्बार्ट (28.2.1983) को अमेरिका के दक्षिण एरिजोना के सबसे बड़े शहर टक्सन…

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