चर्चा में

मोदी साब, बच्चों के लिए इतना काम क्यों?

 

सोशल मीडिया पर वायरल कश्मीरी बच्ची की शिकायत

 

हमारे भारतीय समाज मे मान्यता है कि बचपन की मासूमियत ईश्वर का तोहफा है और बच्चों को अपने दिन बहुत खुश रहकर गुजारने चाहिए, हमेशा खुश रहना चाहिए, मुस्कुराते रहना चाहिए। इसी सोच के चलते जम्मू-कश्मीर कि इक नन्ही बच्ची ने बड़ी मासूमियत के साथ देश के प्रधान मंत्री के नाम एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया मे पोस्ट किया। जो पिछले दिनो काफी वायरल रहा। बता दें कि उस नन्ही बच्ची का नाम मोइरा इरफान है।

वायरस वीडियो में बच्ची कहती है,

“अस्सलामु अलैकुम मोदी साब, छोटे बच्चे, 6 साल के बच्चों को क्यों इतना काम देते हैं मैडम और सर… इतना काम बड़े बच्चों को होता है। मेरी सुबह 10 बजे से 2 बजे तक क्लास होती है। इंग्लिश, मैथ, उर्दू, ईवीएस, कंप्यूटर की क्लास होती है। इतना काम तो बड़े बच्चों को होता है। छोटे बच्चों को इतना काम क्यों देते हैं?”

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक 6 साल की बच्ची की शिकायत पर एक्शन लेते हुए स्कूलों को होमवर्क कम करने के लिए 48 घंटे के अंदर नई पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होने खुद इसपर संज्ञान लिया है।

ट्वीट में मनोज सिन्हा ने लिखा,


“स्कूली बच्चों पर होमवर्क का भार कम करने के लिए स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट को 48 घंटे के अंदर पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया गया है। बचपन की मासूमियत भगवान का तोहफा है, और उनके ये दिन मस्ती और खुशी से भरे होने चाहिए।”
कोरोना वायरस महामारी के सामने आने के बाद स्कूल बंद होने के कारण बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही है। कोविड की पहली लहर धीमी पड़ने के बाद स्कूल खुलने शुरू हुए थे, लेकिन दूसरी लहर की त्रासदी के बाद स्कूल अभी बंद रखे गए हैं।

ये है गाइडलाइन के नियम:

गाइडलाइन के मुताबिक प्री प्राइमरी के बच्चों की क्लास दिनभर में 30 मिनट से ज्यादा नहीं होगी। क्लास 1 से 8वीं तक के स्टूडेंट के लिए ऑनलाइन क्लास दिन में ज्यादा से ज्यादा डेढ़ घंटे तक होगी। पहली से आठवीं तक की क्लास 30 से 45 मिनट के अधिकतम दो सत्रों में होंगी।

सीनियर के लिए नई गाइडलाइन:

गाइडलाउन में सीनियर क्लास के स्टूटेंड के लिए भी नियम बनाए गए हैं। क्लास 9-12 के लिए 3 घंटे से ज्यादा ऑनलाइन क्लास नहीं लेने को कहा गया है।

बच्ची की शिकायत के बाद ऑनलाइन क्लास के समय में बदलाव किया गया और प्री प्राइमरी बच्चों के लिए सिर्फ 30 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। साथ ही मनोज सिन्हा ने स्कूल के अधिकारियों से कहाकि वह कक्षा 5 तक के बच्चों को होमवर्क देने से बचे।

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लेखक उत्तराखण्ड से स्वतन्त्र पत्रकार हैं। सम्पर्क +919719833873, rajkumarsinghbgr@gmail.com

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