पश्चिम बंगाल

बंगाल में आकर्षक वामपन्थी प्रचार

 

बंगाल में वामपन्थी प्रचार के पोस्टरों की यह एक अनोखी सिरीज़ है जिसे लाखों की संख्या में गाँव-शहर के कोने-कोने में लगा हुआ देखा जा सकता है। बवासीर के इलाज या गुप्त रोग के डाक्टर या वशीकरण मंत्र की पीली किताबों के विज्ञापनों की तर्ज़ पर बनाए गये ये पोस्टर आगे भारत के चुनावी प्रचार के स्वरूप में भारी परिवर्तन के सूचक हैं।

वामपन्थी नौजवान कार्यकर्ताओं को कई गली-नुक्कड़ों पर फ़्लैश डांस के ज़रिए लोगों का ध्यान खींचते हुए देखा जाता है, तो बसों-ट्रेनों में टिकट के आकार के लिफ्लेट बाँटते हुए भी उन्हें पाया जाता हैं। कई पैरोडी गीतों के साथ वे जगह-जगह हल्लागाड़ी लेकर हाजिर हो जाते हैं, तो चुनावी खर्च उगाहने के लिए पब्लिक फ़ंडिंग के आधुनिक उपायों का प्रयोग कर रहे हैं। भाजपा-तृणमूल के करोड़ों रुपये की टक्कर में वाम उम्मीदवारों की यह पहल आज चर्चा का विषय है।

यह भी पढ़ें – ‘टुंपा राजनीति’ और वाम

वाम के प्रचार में यह नवीनता उसकी ब्रिगेड सभा के प्रचार के वक्त ही सामने आ गई थी जब बेहद लोकप्रिय एक ‘टुंपा गान’ की धुन पर ब्रिगेड की सभा में शामिल होने का आह्वान किया गया था। इस पर हमने अलग से एक टिप्पणी भी की थी। इसी के साथ संगति रखते हुए वामपन्थी उम्मीदवारों में नौजवानों की बड़ी संख्या बहुत तात्पर्यपूर्ण है और तारुण्य के आकर्षण के साथ उनका कुल प्रचार सृजनात्मक और बेहद प्रभावशाली भी है।

.

कमेंट बॉक्स में इस लेख पर आप राय अवश्य दें। आप हमारे महत्वपूर्ण पाठक हैं। आप की राय हमारे लिए मायने रखती है। आप शेयर करेंगे तो हमें अच्छा लगेगा।

लेखक मार्क्सवादी आलोचक हैं। सम्पर्क +919831097219, arunmaheshwari1951@gmail.com

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x