उत्तरप्रदेशमीडिया

देवरिया में पत्रकार सम्मेलनः मीडिया में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा

 

मीडिया में बदलाव जरूरी है। ये होना भी चाहिए, पर इसकी आड़ में यहाँ सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। बिजनेस बन चुकी मीडिया कुछ मुट्ठीभर लोगों को लाभ जरूर पहुँचा रही है पर पत्रकरिता का काफी बड़ा नुकसान कर रही है। इस बारे में सचेत होने की जरूरत है, तभी पत्रकारिता का वजूद बचेगा। यूपी में देवरिया जिले के भाटपार रानी में हुए पत्रकार महासम्मेलन में इस आशय के तथ्य उभरकर सामने आए। निर्मल मैरिज हाल में हुए पत्रकार महासम्मेलन में कई प्रांतों के अलग-अलग जनपदों से बड़ी तादाद में पत्रकारों का आगमन हुआ।

महासम्मेलन की शुरूआत दीप प्रज्जवलन के बाद आगंतुकों के परिचय से हुई। बतौर मुख्य वक्ता प्रदेश अध्यक्ष मथुरा प्रसाद धुरिया ने पत्रकारों से पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया। कहा, पत्रकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी का अहसास भी करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि संगठन उनके हितों की लड़ाई लड़ने में पीछे नहीं हटेगा। सम्मेलन में बढ़ते बाजारीकरण को पत्रकारिता के लिए नुकसानदायक बताया गया। कहा गया कि पिछले दो दशक में चाहे इलेक्ट्रानिक मीडिया हो या प्रिंट मीडिया, दोनों में संकट तेजी से बढ़ा है। वरिष्ठ पत्रकार अंशू राय ने कहा कि मीडिया में जनसरोकार घटा तो विश्वसनीयता पर संकट भी बढ़ा है। इसमें दो राय नहीं कि व्यावसायिक घरानों का दखल बढ़ने से पत्रकार और पत्रकारिता दोनों की दशा खराब हुई है। यह साफ तौर पर दिख रहा है। पत्रकारों की छटनी और हटाने-निकालने का दौर बढ़ा है, जो पत्रकारिता के लिए काफी खतरनाक है।

भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के पत्रकार उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी सरदार दिलावर सिंह ने मौजूदा संकट का जिक्र किया। कहा-ये नासमझ वाली बदलती पत्रकारिता का ही असर है कि तानाशाही का दौर बढ़ा है। यह बेचैनी के अलावा खीझ भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि मोदी मीडिया-गोदी मीडिया से बढ़कर मामला भक्ति और शक्ति तक आ पहुँचा है। यह बदलाव खतरनाक संकेत है। प्रदेश महासचिव शिवाशंकर पाण्डेय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में मौजूदा विसंगतियों का जिक्र किया। कहा, बिजनेस बेस्ड मीडिया ने चकाचौंध तो बढ़ाया पर पत्रकारिता की गरिमा और मर्यादा दोनों को चोटहिल करने का भी काम किया है।

प्रदेश संयुक्त सचिव डॉ. विजय यादव ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने पर जोर दिया। कहा कि पत्रकारों में असुरक्षा बढ़ी है। इसे दूर किया जाना चाहिए। इस मौके पर भाटपार रानी तहसील इकाई के नवनियुक्त पदाधिकारी और सदस्यों को शपथ ग्रहण कराया गया। पच्चीस से ज्यादा पत्रकारों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित भी किया गया। अपने संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार विश्वामित्र मिश्र ने पत्रकारों के बढ़ते उत्पीड़न की चर्चा की। पत्रकारों से कहा कि ईमानदारी से कार्य करिए, पत्रकारों के हितों की लड़ाई लड़ने के लिए भारतीय पत्रकार महासंघ वचनबद्ध है। जैनेन्द्र गुप्ता, कमल पटेल, राजाराम गुप्ता, डॉ. तनवीर आलम लारी, प्रमोद गुप्ता, पुरूषोत्तम तिवारी, भाटपार रानी के एसडीएम समेत अन्य कई लोगों ने विचार रखे। समारोह में मानसिंह, कुमार प्रसाद गोंड, रूदल गोंड, शिवजी यादव, त्रिभुवन तिवारी, अम्बरीष सिंह, मनोज शुक्ला, अमन सिंह, शहजाद अंसारी, गयासुद्दीन, रियासत अली के अलावा अन्य कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

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लेखक सबलोग के उत्तरप्रदेश ब्यूरोचीफ और भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के प्रदेश महासचिव हैं| +918840338705, shivas_pandey@rediffmail.com

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