कर्मेन्दु शिशिर
-
Oct- 2026 -16 OctoberUncategorized
कविता में दर्ज एक आन्दोलन की आँच
पूनम सिंह की पुस्तक ‘हिन्दी कविता और नक्सलवाद’ को पढना सिर्फ वैचारिक उत्तेजना के अनुभव से गुजरना नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक आन्दोलन और उससे उपजी काव्यधारा को समझना भी है। यह पुस्तक उन कवियों, उनकी रचनात्मक बेचैनी और संघर्ष…
Read More »