रक्षा गीता
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Mar- 2026 -14 Marchसिनेमा
गुरुदत्त के फ्रेम में स्त्रियाँ
गुरुदत्त की फ़िल्में हिन्दी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा महत्वपूर्ण सिनेमाई हस्तक्षेप है जो दृश्य-भाषा-संयोजन के माध्यम से स्त्री-सौन्दर्य, पितृसत्तात्मक व्यवस्था व मानवीय पीड़ा की सामाजिक आलोचना के साथ गहराई से गूँथता है। उनकी फिल्मों की विशिष्टता केवल सिनेमाई…
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Mar- 2025 -21 Marchसिनेमा
भेदभाव से जंग: ‘द’ सिक्स ट्रिपल एट
नस्लवाद, लैंगिक भेदभाव और हिंसा पर आधारित इस फ़िल्म का आरम्भ मैरी मैक्लियोड बेथ्युन के सन्देश के साथ होता है- “हम चाहते हैं कि आप यह जानें कि हम चाहते हैं– हमें अमेरिकी लोकतन्त्र का एक हिस्सा माना जाए,…
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Nov- 2024 -14 Novemberसिनेमा
जिन्दगी में ‘ईब आले ऊ’ के मायने
‘ईब आले ऊ’ विचित्र शब्द लग सकते हैं। किसी शब्दकोश में आपको ये शब्द नहीं मिलेंगे क्योंकि ये जीवन की विसंगतियों और विडम्बनाओं से निकली वे आवाज़ें हैं जिन्हें हमेशा से नजरन्दाज़ किया जाता रहा है। हम बात कर…
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Aug- 2024 -27 Augustशिक्षा
सिनेमा में शिक्षा के सरोकार
सिनेमा का लक्ष्य मनोरंजन और पैसा कमाना है, संदेश या सामाजिक सरोकार छिपे रहते हैं जिनका प्रत्यक्ष प्रभाव समाज पर नहीं पड़ता उसमें भी, शिक्षा के महत्त्व या समस्याओं पर तो बहुत कम बात होती है। 1962 में ‘अनपढ़’…
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Jul- 2024 -31 Julyशख्सियत
शहंशाह-ए-तरन्नुम मोहम्मद रफ़ी
2017 में उनके 93वें जन्मदिन गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए यह प्रमाणित किया कि न केवल भारत में अपितु रफ़ी साहब विश्व प्रसिद्ध गायक है। 24 दिसम्बर 2024 मोहम्मद रफ़ी की 100वीं सालगिरह होगी। छह भाइयों…
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20 Julyसिनेमा
कुहुडि: कोहरे के बीच आशा की किरण
सिनेमा हमेशा से समाज को प्रभावित करता आया है, आरम्भिक समय से धार्मिक और सामाजिक समस्याओं पर फिल्में बनती रही हैं बदलते समय के साथ अपवादों को छोड़ दें तो ज़्यादातर फिल्में मनोरंजन के नाम पर फूहड़ता का ही…
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May- 2024 -12 Mayसिनेमा
स्याह ब्लैक बोर्ड पर ‘चमकीला’
‘ब्लैक बोर्ड’ यानी समाज और समाज का एक ख़ास वर्ग जिसे जीवन की ‘रंगीनियाँ’ या कि खुशियाँ ‘चमकीला’ के गीतों में मिलती हैं। चमकीला ‘आज भी चमक रहा है’ सम्भवतः इम्तियाज भी जानते हैं कि ‘चमकीला’ ही वह कलाकार…
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Nov- 2023 -27 Novemberसिनेमा
जातीय वर्चस्व से पद-प्रतिष्ठा की ओर ‘यस सर’
‘जात न पूछो साधू की पूछ लीजिये ज्ञान’ के भाव को पुष्ट करने वाली लघु फ़िल्म ‘यस सर’ भारतीय समाज की बदलती मानसिकता को सामने रखती है, सामाजिक विसंगतियों व विडम्बनाओं को हास्य-व्यंग्य में पिरोना आसान नहीं। व्यक्ति की…
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Sep- 2023 -28 Septemberसिनेमा
चंपारण मटन की लाजवाब ख़ास रेसिपी
बिहार का कश्मीर कहा जाने वाला चंपारण, सीता की शरणस्थली भी रहा है और यहीं से महात्मा गांधी ने स्वाधीनता संग्राम आन्दोलन की माशाल भी जलाई। चंपारण ने फिर इतिहास रचा, पहली बार बज्जिका भाषा में बनी डिप्लोमा लघु…
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12 Septemberसिनेमा
‘क्या दर्शक आम जनता में तब्दील होगा’ जवान की ललकार
1996 में कमल हसन के डबल रोल साथ तमिल फिल्म आई थी इंडियन’ हिन्दी में ‘हिन्दुस्तानी’। एक स्वतंत्रता जो सेनानी भ्रष्टाचार को जड़ से ख़त्म करना चाहता है लेकिन उसका अपना बेटा भ्रष्टाचार में लिप्त है। 1998 अनिल कपूर…
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