रक्षा गीता

रक्षा गीता

लेखिका कालिंदी महाविद्यालय (दिल्ली विश्वविद्यालय) के हिन्दी विभाग में सहायक आचार्य हैं। सम्पर्क +919311192384, rakshageeta14@gmail.com
  • Aug- 2026 -
    5 August
    Uncategorized

    अनसुनी आवाजों की सिनेमाई अनुगूँज

    एक ऑस्कर नॉमिनेटीड फ़िल्म जिसे वेनिस फ़िल्म फेस्टिवल के वर्ल्ड प्रीमियम पर 23 मिनट तक स्टैंडिंग ओवेशन मिला। फ़िल्म दुनिया भर में सराही गई लेकिन भारत में इसके प्रदर्शन को लेकर कुछ समय तक अनिश्चितता बनी रही। यह आशंका जताई…

    Read More »
  • Jun- 2026 -
    19 June
    आवरण कथा

    युद्ध के भीतर युद्धरत स्त्री

    नासिरा शर्मा समकालीन हिन्दी साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण स्वर हैं, जिनका लेखन युद्ध, विस्थापन और स्त्री-अनुभव के जटिल अन्तर्सम्बन्धों को केन्द्र में लाता है। ईरान, इराक, अफगानिस्तान और फिलिस्तीन जैसे देशों के उनके प्रत्यक्ष अनुभव उनके लेखन को विशिष्ट प्रामाणिकता…

    Read More »
  • May- 2026 -
    2 May
    सिनेमा

    सिनेमा, दर्शक और समाज का सच 

    ‘अस्सी’ फिल्म में ‘रेप कल्चर’ के उन तमाम पूर्वाग्रहों को तोड़ा गया है जहाँ बलात्कार को ‘इज़्ज़त, प्रतिशोध के संदर्भ से जोड़ा गया है जिसमें  एक और पक्ष ‘भीड़ तंत्र का न्याय’ जुड़ जाता है । जब सामाजिक न्याय ‘सोशल…

    Read More »
  • Mar- 2026 -
    14 March
    सिनेमा

    गुरुदत्त के फ्रेम में स्त्रियाँ

    गुरुदत्त की फ़िल्में हिन्दी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा महत्वपूर्ण सिनेमाई हस्तक्षेप है जो दृश्य-भाषा-संयोजन के माध्यम से स्त्री-सौन्दर्य, पितृसत्तात्मक व्यवस्था व मानवीय पीड़ा की सामाजिक आलोचना के साथ गहराई से गूँथता है। उनकी फिल्मों की विशिष्टता केवल सिनेमाई…

    Read More »
  • Mar- 2025 -
    21 March
    सिनेमा‘द’ सिक्स ट्रिपल एट

    भेदभाव से जंग: ‘द’ सिक्स ट्रिपल एट

      नस्लवाद, लैंगिक भेदभाव और हिंसा पर आधारित इस फ़िल्म का आरम्भ मैरी मैक्लियोड बेथ्युन के सन्देश के साथ होता है- “हम चाहते हैं कि आप यह जानें कि हम चाहते हैं– हमें अमेरिकी लोकतन्त्र का एक हिस्सा माना जाए,…

    Read More »
  • Nov- 2024 -
    14 November
    सिनेमाईब आले ऊ

    जिन्दगी में ‘ईब आले ऊ’ के मायने

      ‘ईब आले ऊ’ विचित्र शब्द लग सकते हैं। किसी शब्दकोश में आपको ये शब्द नहीं मिलेंगे क्योंकि ये जीवन की विसंगतियों और विडम्बनाओं से निकली वे आवाज़ें हैं जिन्हें हमेशा से नजरन्दाज़ किया जाता रहा है। हम बात कर…

    Read More »
  • Aug- 2024 -
    27 August
    शिक्षासिनेमा में शिक्षा के सरोकार

    सिनेमा में शिक्षा के सरोकार

      सिनेमा का लक्ष्य मनोरंजन और पैसा कमाना है, संदेश या सामाजिक सरोकार छिपे रहते हैं जिनका प्रत्यक्ष प्रभाव समाज पर नहीं पड़ता उसमें भी, शिक्षा के महत्त्व या समस्याओं पर तो बहुत कम बात होती है। 1962 में ‘अनपढ़’…

    Read More »
  • Jul- 2024 -
    31 July
    शख्सियतमोहम्मद रफ़ी

    शहंशाह-ए-तरन्नुम मोहम्मद रफ़ी

      2017 में उनके 93वें जन्मदिन गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए यह प्रमाणित किया कि न केवल भारत में अपितु रफ़ी साहब विश्व प्रसिद्ध गायक है। 24 दिसम्बर 2024 मोहम्मद रफ़ी की 100वीं सालगिरह होगी। छह भाइयों…

    Read More »
  • 20 July
    सिनेमा कुहुडि

     कुहुडि: कोहरे के बीच आशा की किरण

      सिनेमा हमेशा से समाज को प्रभावित करता आया है, आरम्भिक समय से धार्मिक और सामाजिक समस्याओं पर फिल्में बनती रही हैं बदलते समय के साथ अपवादों को छोड़ दें तो ज़्यादातर फिल्में मनोरंजन के नाम पर फूहड़ता का ही…

    Read More »
  • May- 2024 -
    12 May
    सिनेमाचमकीला

    स्याह ब्लैक बोर्ड पर ‘चमकीला’

      ‘ब्लैक बोर्ड’ यानी समाज और समाज का एक ख़ास वर्ग जिसे जीवन की ‘रंगीनियाँ’ या कि खुशियाँ ‘चमकीला’ के गीतों में मिलती हैं। चमकीला ‘आज भी चमक रहा है’ सम्भवतः इम्तियाज भी जानते हैं कि ‘चमकीला’ ही वह कलाकार…

    Read More »
Back to top button