राजेन्द्र रवि
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Mar- 2026 -14 Marchआँखन देखी
शहरीकरण की दौड़ में द्रव्यावती नदी
नदियाँ केवल पानी की धाराएँ नहीं होतीं। वे सभ्यता की धड़कन होती हैं। किसी भी शहर का इतिहास, संस्कृति और जीवनशैली उसकी नदी से जुड़ी होती है। भारत जैसे देश में तो नदियाँ केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं रहीं, बल्कि पूजा,…
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Sep- 2024 -24 Septemberशहरनामा
परिदृश्य से अदृश्य होता शहरी खेती
प्रकृति और समुदाय के साथ सीधे टकराव पर टिकी हुई मौजूदा राजनीतिक-आर्थिक व्यवस्था ने हमें भोजन, ऊर्जा, घर, पर्यावरण, आर्थिकी का मिलाजुला संकट थमा दिया है, जिसके चलते लोगों में इस बात को लेकर घबराहट का होना वाजिब है…
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