कन्हैया कुमार
-
लोकसभा चुनाव
आल्दो आई एम ए कम्युनिस्ट, बट नेवर गौट चांस टू वोट फॉर लेफ्ट – अनीश अंकुर
बेगूसराय चुनाव: एक संस्मरण(भाग -6) 26 अप्रैल को जफर और गालिब कलीम ने साहिबपुर कमाल जाने की बात की। तनवीर हसन का घर भी उसी इलाके में पड़ता है। कम्युनिस्ट पार्टी उस क्षेत्र मे थोड़ी कमजोर मानी जाती…
Read More » -
लोकसभा चुनाव
‘कुटमैती’ के नाम पर ‘कौम’ की राजनीति – अनीश अंकुर
अनीश अंकुर बेगूसराय चुनाव: एक संस्मरण (भाग -5) चाय की दुकान से हम सभी अजय के गाँव, बरौनी फ्लैग, गए। पेड़ों की बहुतायत के बीच अजय का घर काफी अच्छा लगता है। मैं यहाँ पिछले वर्ष…
Read More » -
लोकसभा चुनाव
भाजपा जान की दुश्मन है, तो कम्युनिस्ट ईमान की – अनीश अंकुर
बेगूसराय यात्रा: एक संस्मरण (भाग 4) 20 अप्रैल की अर्द्धरात्रि में लौटने के बाद दो तीन दिन पटना में रहना हुआ। माध्यमिक शिक्षक संघ में ‘प्राच्यप्रभा’ के सम्पादक व कवि विजय कुमार सिंह व रंगकर्मी मृत्युंजय से मिलने…
Read More » -
लोकसभा चुनाव
बेगूसराय चुनाव – एक संस्मरण (भाग-3) – अनीश अंकुर
‘जाति’ पूछने वाले की ‘राजनीति’ पता करो नामांकन के बाद वाली सभा में घूमने के दौरान, बुजुर्ग कम्युनिस्ट नेता शिवशंकर शर्मा एक गोल घेरे में बैठे दिखे। उनके ‘जनशक्ति’ के लिखे आलेखों को पसन्द करता रहा हूँ विशेषकर…
Read More » -
लोकसभा चुनाव
बेगूसराय चुनावः एक संस्मरण ( भाग-2 ) – अनीश अंकुर
कन्हैया कुमार, रवीश कुमार, लालू प्रसाद और चार्ली चैप्लिन पटना के रास्ते में कन्हैया परिघटना की चर्चा होती रही। पटना लौटते वक्त राष्ट्रीय सहारा के एक पत्रकार किरनेश भी साथ हो गए। लोगों से कनेक्ट करने की उसकी…
Read More » -
लोकसभा चुनाव
बेगूसराय चुनाव – एक संस्मरण
भाग-एक 2 अक्टुबर, 2018 को गेादरगांवा (बेगूसराय) के एतिहासिक विप्लवी पुस्तकालय में गाँधी जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित था। राजद के नये बने राज्यसभा सांसद मनोज झा, राजद के बेगूसराय के एम.एल.सी तनवीर हसन और जवाहर…
Read More » -
बिहार
बिहार में महागठबन्धन का अपराध – व्रजकुमार पाण्डेय
व्रजकुमार पाण्डेय 2014 के लोकसभा में भाजपा और नरेन्द्र मोदी ने जो वायदे किये थे – उनको लागू करने की दिशा में कुछ नहीं किया। उल्टे नोटबन्दी और जीएसटी लागू कर लोगों को परेशानियों में डाला। दूसरी ओर…
Read More » -
Democracy4you
भूमिहारी अस्मिता के बारे में कुछ वाजिब सवाल और बेगूसराय का चुनाव – विजय कुमार
विजय कुमार ऐसा नहीं है कि ऊँची जात के अन्दर ऊँच-नीच का भेदभाव नहीं है। जो लोग पुराने ग्रामीण समाज को जानते हैं उन्हें पता है कि ग्रामीण समाज में खासकर भूमिहार समाज में कभी अपनी ही जाति के लोगों…
Read More » -
Democracy4you
अंग्रेजों की धर्म व जाति संबंधी समझ से टकराने का नाम है कन्हैया
अंग्रेजों ने भारत पर राज करने के लिए दो श्रेणियों का जमकर इस्तेमाल किया। पहला धर्म, दूसरा जाति। भारतीय समाज की व्याख्या इन्हीं दोनों आधारों पर की गयी। 1857 के बाद तो भारतीय समाज में मौजूद दरारों को अंग्रेजों…
Read More » -
लोकसभा चुनाव
दिक्कत कन्हैया की जाति से नहीं, उसके वर्ग से है
भाग-3 भारत के सबसे अमीर बीस प्रतिशत में सर्वाधिक अनुपात ओ.बी.सी का पाँच अप्रैल को हिन्दूस्तान टाइम्स, पटना में प्रकाशित रिपोर्ट (व्हाई कास्ट ट्रम्प क्लास इन पॉलिटिकल स्ट्रैटजी) के अनुसार देश के सबसे धनी 20 प्रतिशत लोगों में सबसे…
Read More »







