सुनीता सृष्टि
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Dec- 2018 -10 Decemberदेश
संस्कृति के उन्माद का समय
संस्कृति के जिस राजनीतिकरण के दौर से आज हम गुजर रहे हैं वह एक भयानक परिदृश्य निर्मित कर रहा है। संस्कृति उच्चतर मानवीय मूल्यों का समुच्चय होती है जो साहित्य और कलाओं में न केवल प्रतिभाषित होती है बल्कि…
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