सबलोग
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Jan- 2019 -10 January
आरक्षण से आगे
विजय कुमार फिर लगभग 30 साल का कोर्स पूरा हुआ कि पूरा भारतीय समाज खास कर युवा वर्ग आरक्षण समर्थन और आरक्षण विरोध की चक्की में पिसता रहा| हालात यह हो गई की समर्थन और विरोध करने वाले आपस में दुश्मनी…
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9 January
सियासत की दुनिया में कोई किसी का सगा नहीं
तमन्ना फ़रीदी सियासत की दुनिया में कोई किसी का सगा नहीं होता है। यहां रिश्ते बेईमानी हैं तो इस दुनिया में न दोस्ती शिद्दत से निभाई जाती है और न ही दुश्मनी निभाने का सलीका किसी को आता…
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9 January
आरक्षण की विडम्बना
राणा यशवंत की facebook से साभार साव जी की चाय-पकौड़े की दुकान पर पांडे जी का बेटा ग्राहकों की सेवा करता है, प्लेट-ग्लास भी धोता है. मैं बर्षों से यह देख रहा हूं. गांव में मेहनत-मजूरी की लाज से बचने…
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8 January
जनान्दोलन और महिलाओं की भागीदारी
अंजलि दलाल अंतर्राष्ट्रीय शासन के सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों के अनुसार, लिंग समानता और पर्यावरण स्थिरता 21 शताब्दी के बहुत ही महत्वपूर्ण एवं अंतःसम्बन्धित लक्ष्य हैं। इसी दौरान, बहुत से पर्यावरण-आंदोलनों, जैसे चिपको आंदोलन, प्लाचीमाड़ा आंदोलन, ग्रीनबेल्ट आंदोलन (कीनिया), नर्मदा बचाओ…
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7 January
मासूमों को कैसे न्याय मिले
निवेदिता यह कहना मुश्किल है कि बिहार के बालिका गृह के मामले में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले के बावजूद बच्चियों को न्याय मिल पायेगा। जिस अपराध में सरकार और सरकारी मिशनरी ही शामिल हो उससे न्याय की उम्मीद…
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6 January
विकास और अस्तित्व का संघर्ष
महेन्द्र यादव तथाकथित विकास के विनाशकारी रूप, भ्रष्टाचार, सरकारी अफसरशाही के निकम्मेपन, नेताओं के दावे और हकीकत के फासले, अपने लोगों की बातें अनसुनी करने वाली चुनी सरकार का नमूना एक साथ देखना हो तो बिहार का कोशी क्षेत्र…
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4 January
जनतन्त्र और जनान्दोलन
मणीन्द्र नाथ ठाकुर यदि आज आप दुनिया के मानचित्र को लेकर बैठें और उसमें विश्व के अलग-अलग हिस्सों में जनतंत्र की हालत पर सोचना शुरू करें तो आपको लगेगा कि इस मायने में दुनिया अब एक हो गयी…
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3 January
ज्ञान के मार्ग में बाधा
महेश चन्द्र पुनेठा शिक्षा की बदली अवधारणा के अनुसार सीखना ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया है। ज्ञान का अर्थ सूचना और तथ्यों का संग्रह और उन्हें याद करना नहीं है, न ही उन्हें एक मस्तिष्क से दूसरे मस्तिष्क में स्थानांतरित…
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Dec- 2018 -27 December
हाशिये के समाज का रंगमंच
राजेश कुमार हाशिये के लोगों पर चाहे उसके साहित्य पर बातचीत हो या संस्कृति पर, घुमा फिरा कर बहस का कोई न कोई मुद्दा आ ही जाता है। आखिर ये हाशिया है क्या? लोगों को इस शब्द से पाला स्कूल…
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26 December
MSP बढ़ाना ही नहीं, फसल लागत घटाना भी ज़रूरी है
अरुण तिवारी हिंदी पट्टी के तीन राज्यों के चुनावी नतीजों में किसानों की कर्ज माफी के वादे को एक निर्णायक आधार माना जा रहा है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि यह समाधान नहीं, महज् कुछ समय के लिए राहत…
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