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सिनेमा
तीन लड़की, तीन रुपये और तीन पुलिसवाले – संदीप वसंत नाईक
संदीप वसंत नाईक तीन लड़कियों की कहानी 3 रुपयों से शुरू होती है और तीन पुलिसवालों की इर्द-गिर्द घूमती है, भारतीय संविधान की तीन मूल बातें – समानता, स्वतन्त्रता और भ्रातृत्व जैसे तत्वों से भरा भारतीय संविधान आज…
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लोकसभा चुनाव
यह ‘भारत’ नाम की मूल अवधारणा के लिए लड़ी जा रही लड़ाई है – राहुल गाँधी
दि हिन्दू के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी संदीप फूकन के साथ रोजगार की कमी, कृषि संकट और अर्थ व्यवस्था की स्थिति समेत उन मुद्दों के बारे में बात करते हैं जो 2019 के आम चुनाव को परिभाषित करेंगे।…
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खुला दरवाजा
गणेश : प्रकृति और पर्यावरण का विराट रूपक
तमाम काल्पनिक देवी-देवताओं, अंधविश्वासों और कर्मकांडों के बीच भी हमारे पुराणों में ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जो अपनी दृष्टिसम्पन्नता और सरोकारों से चकित करती हैं। जरूरत है उन्हें वैज्ञानिक और समाजशास्त्रीय तरीके से पढ़ने और सोचने की। पुराणों…
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शख्सियत
राधा बाबू को स्मृतियों की श्रद्धांजलि
प्रकाश देवकुलिश 6 फरवरी 2019 को भागलपुर के कलाकेन्द्र में लगभग पूरा दिन एक ऐसे माहौल में बीता जिसे कृतज्ञता, सम्मान, आदर से ओत प्रोत एक भाव भरा समय कहा जा सकता है| मौका था स्वयं शिक्षक, प्रोफ़ेसर,…
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सिनेमा
“सोनचिड़िया : रेत पर नाव खेने की कहानी”
आज के दौर में अगर डकैती पर केन्द्रित कोई फिल्म बनती है, तो यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि वह पुरानी लकीर को पीटने वाली कोई चलताऊ टाइप की बी-ग्रेड फिल्म होगी | लेकिन “सोनचिड़िया” में…
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दास्तान-ए-दंगल सिंह (38)
पवन कुमार सिंह 8 अप्रैल 1975 को कुर्सेला के साथियों ने सत्याग्रह से जेपी को लाचार करके ऐतिहासिक सभा की थी। पर उन्हें सुनने के लिए जुटी अपार भीड़ को देखकर वे खुश हो गए थे। वापसी में मैं उनके…
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