वक्त के आमने-सामने

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    वक्त के आमने-सामने

          हम अच्छे दिनों और अच्छे समय की आत्ममुग्धता की सीमा-रेखाओं में हैं। उसके बरअक्स खराब समय की जद्दोजहद के बीच और उसकी धधकती ज्वालाओं में हैं। ख़राब चीज़ों की एक लम्बी शृंखला है। वक्त के सामने हम…

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