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  • पर्यावरणभारतीय संस्कृति में पर्यावरण

    भारतीय संस्कृति में पर्यावरण की चिंता

      पृथ्वी और उसके पर्यावरण की  चिन्ता हमारी भारतीय  संस्कृति की  परम्परागत सोच रही है। प्राचीन भारत में पर्यावरण को बिगाड़ने वाले बड़े शहर और धुआँ उगलते कल-कारखाने तो नहीं थे और न ही ग्लोबल वार्मिंग की दूर तक कोई…

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  • खुला दरवाजाUDA DEVI PASI

    एक थी ऊदा देवी पासी

      झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई की तरह अट्ठारह सौ सत्तावन के स्वतन्त्रता संग्राम में अंग्रेजों के छक्के छुडाने वाली एक और भी वीरांगना थी जिसे दुर्भाग्य से वह यश और सम्मान नहीं मिला जिसकी वह वास्तव में हकदार थी।…

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  • खुला दरवाजापरियाँ

    क्या सचमुच होती हैं परियाँ?

      दुनिया की तमाम संस्कृतियों, कला और साहित्य में कुछ ऐसी रहस्यमय और तर्क से परे चीज़ें हैं जिन्हें हमने देखा तो नहीं, लेकिन जो अनन्त काल से हमारी सोच और जीवन की हिस्सा रही हैं। देवदूत, राक्षस, शैतान और…

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  • खुला दरवाजा

    एक थी गौहर जान

      उन्नीसवी सदी के उत्तरार्द्ध और बीसवी सदी के पूर्वार्द्ध ने भारतीय अर्द्ध्शास्त्रीय और सुगम संगीत का स्वर्णकाल देखा था। ठुमरी, दादरा और तराना के अलावा कजरी, पूरबी, चैती और ग़ज़ल गायिकी के विकास में उस दौर के तवायफों के…

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  • खुला दरवाजागणेश

    गणेश : प्रकृति और पर्यावरण का विराट रूपक

      तमाम काल्पनिक देवी-देवताओं, अंधविश्वासों और कर्मकांडों के बीच भी हमारे पुराणों में ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जो अपनी दृष्टिसम्पन्नता और सरोकारों से चकित करती हैं। जरूरत है उन्हें वैज्ञानिक और समाजशास्त्रीय तरीके से पढ़ने और सोचने की। पुराणों…

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  • चर्चा में

    जाति पूछो भगवान की 

      गांव में रामचरित मानस कथा के दस-दिवसीय आयोजन का आज अंतिम दिन था। जवार के लगभग दो हजार लोग एकत्र थे। हरिद्वार के स्वामी नित्यानंद महाराज भगवान विष्णु के दशावतारों की आध्यात्मिक व्याख्या कर रहे थे। कलियुग में हो…

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