संस्कृतिकर्मी अनीश अंकुर
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चर्चा में
जाति की राजनीति और किसान आन्दोलन
29 दिसम्बर को पटना में ‘ऑल इंडिया किसान संघर्ष समिति’ की बिहार ईकाई के बैनर तले हुए विशाल प्रदर्शन व ‘राजभवन मार्च’ ने एक तरह से संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। बिहार के 25 से अधिक किसान संगठनों…
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अंतरराष्ट्रीय
और चीन से नाराज भारत ने अमेरिका को मौका दे दिया
15 जून को 20 भारतीय सैनिकों के मारे जाने पश्चात अमेरिका से राइफलें खरीदी गयी हैं, असॉल्ट राइफलें। भारत अमेरिका के साथ नौसेना अभ्यास में जुटा है। वो चीन को ये सन्देश देना चाहता है कि वो अकेला नहीं है।…
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अंतरराष्ट्रीय
क्या चीन ने कोरोना वायरस की बात दुनिया से छिपायी ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ) को अमेरिका द्वारा मिलने वाली सहायता बन्द कर दी गयी है। डब्ल्यू.एच.ओ पर अमेरिका ने आरोप लगाया था कि कोविड-19 के वक्त उसने चीन के इशारे पर काम किया। अमेरिका अब डब्ल्यू.एच.ओ से बाहर भी…
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शख्सियत
उषा गांगुली का नाटक देखने ज्योति बसु आया करते थे
एक गैर हिन्दी भाषी प्रदेश पश्चिम बंगाल में रहकर हिन्दी रंगमंच की पूरे देश में पताका फहराने वाली उषा गांगुली के अचानक निधन से भारतीय रंगजगत स्तब्ध सा है। 23 अप्रैल की सुबह सवा सात बजे हृदयगति रूक जाने…
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एतिहासिक
वो कौन सा आदम है, जिसका तू खुदा है
लेनिन के डेढ़ सौवीं वर्षगाँठ ‘22 अप्रैल’ के अवसर पर व्लादिमीर लेनिन पर प्रख्यात रूसी कवि मायकोव्स्की की एक कविता है कि ‘‘हियर इज अ लीडर हू लीड द मासेस बाई हिज इंटेलेक्ट’‘ (यहाँ एक ऐसा नेता है…
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साक्षात्कार
आम्बेडकर बहुत फ्रस्ट्रेटड हो गये थे – आनन्द तेलतुंबड़े
(सुप्रसिद्ध समाज वैज्ञानिक आनन्द तेलतुंबड़े से संस्कृतिकर्मी अनीश अंकुर की बातचीत) आप ‘रूरल प्रोलेतारियत’ की शब्दावली में बात करते हैं लेकिन बहुत कम दलित इंटेलेक्चुअल इस भाषा में बात करते हैं। ये तो मार्क्सवादी शब्दावली में है। मुख्यधारा की बातचीत में…
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