राकेश भारतीय
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एतिहासिक
असम्पूर्ण ही रह गई ‘सम्पूर्ण क्रान्ति’
‘क्रान्ति’ शब्द ध्यान में आते ही सर्वप्रथम आधुनिक काल की सबसे बड़ी क्रान्ति 1789 की फ्रांसीसी क्रान्ति भी ध्यान में आ जाती है जिसने न सिर्फ फ्रांस बल्कि पूरे विश्व में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कई महत्त्वपूर्ण परिवर्तनों…
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मुद्दा
भारतीय समाज में जाति का ‘अनिवार्य’ बोझ
भारत तब परतन्त्र था और समय था उन्नीसवीं सदी का अन्तिम दशक। तमाम बाधाओं को पार करते हुए स्वामी विवेकानंद अमेरिका के शिकागो शहर पहुँचे और वहाँ आयोजित धर्मसंसद में भारतीय संस्कृति के विशिष्ट ही मानवतावादी चरित्र तथा आध्यात्मिकता…
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