किन्नर
-
मुद्दा
व्यवस्था के मारे किन्नर
समाज अथवा देश को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नियम-कानून या व्यवस्था आवश्यक होता है। किन्तु किसी भी समाज में व्यवस्था को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। यदि व्यवस्था सही न हो तो आम जनता…
Read More » -
आवरण कथा
वैदिक साहित्य और तृतीयलिंगी
थर्ड जेंडर समुदाय की अवस्थिति प्राचीन काल से ही भारतीय समाज रही किन्तु दुर्भाग्यवश थर्ड जेंडर समुदाय को हाशियाकृत जीवन जीने के लिए विवश होना पड़ा। विशेष शारीरिक संरचना, व्यवहार तथा मनोविज्ञान के अनुसार थर्ड जेंडर पर वैदिक साहित्य…
Read More » -
आवरण कथा
किन्नरों के जीवन का सच – सुशील कुमार
सुशील कुमार स्त्री और पुरूष के अतिरिक्त हमारे समाज में एक और लिंग के लोग रहते हैं जिन्हें समाज में छक्का, हिजड़ा, किन्नर, मामू, बायक्का, थर्ड जेंडर, तृतीयलिंगी, उभयलिंगी, आदि के नामों से जाना जाता है। यह तृतीय…
Read More » -
आवरण कथा
किन्नर का सामाजिक यथार्थ – लता अग्रवाल
लता अग्रवाल जब परिवार में कोई तृतीयलिंगी बच्चा जन्म लेता है तो उसके होने की खबर गुप्त रखी जाती है, या तो वो जमीन में जिन्दा गाढ़ दिए जाते हैं, कूड़ेदान में फैंक दिए जाते हैं, या फिर…
Read More »


