अरुण माहेश्वरी
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Aug- 2021 -30 Augustचर्चा में
अफ़ग़ानिस्तान : पुरातनपंथी जुझारूपन कहीं भी स्थिरता नहीं ला सकता
अफ़ग़ानिस्तान में हामिद करजाई और अब्दुल्ला अब्दुल्ला जैसे नेताओं से पहले वार्ता और उसके बाद उन्हें नज़रबंद करने का वाक़या यह सवाल उठाता है कि उस देश में किसी सर्वसमावेशी सरकार का गठन कैसे संभव होगा जहाँ किसी भी…
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Jul- 2021 -18 Julyचर्चा में
रोमिला थापर के नब्बेवें जन्मदिन की पूर्व सूचना पर
तीन महीने बाद, 30 नवम्बर के दिन नब्बे की उम्र में प्रवेश करेगी। उनके नब्बेवें जन्मदिन की अगुवाई में गोपालकृष्ण गाँधी का आज के ‘टेलिग्राफ’ का लेख ‘प्राचीन भारतीय अध्ययन की साम्राज्ञी : इतिहास की वाग्देवी’ हम जैसे किसी…
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16 Julyराजनीति
प्रशांत किशोर और काँग्रेस के बारे में अटकलबाज़ी पर एक नोट
प्रशांत किशोर के काँग्रेस में शामिल होने की चर्चा गर्म है। कोई नहीं जानता कि सचमुच ऐसा होगा। इस संशय के पीछे प्रशान्त किशोर का अपना इतिहास ही एक बड़ा कारण है। अब तक वे कई पार्टियों के चुनाव…
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7 Julyशख्सियत
दिलीप कुमार सिनेमा के ध्रुवतारे की तरह हमारे सांस्कृतिक जगत के आकाश में हमेशा चमकते रहेंगे
आज दिलीप कुमार नहीं रहे। उनका न रहना हमारे सिनेमा के किसी युग का अंत नहीं, बल्कि किसी विध्वंस से इसकी गंगोत्री के अपनी जगह से हट जाना है। दिलीप कुमार से शुरू हुई धारा हमारे सिनेमा मात्र के…
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1 Julyदेश
‘भारत बदल गया है’ पर एक नोट
जो अपने विषाद के क्षण में कहते पाए जाते हैं कि ‘भारत बदल गया है’, वे हमारे जीवन के यथार्थ के विश्लेषण में बड़ी चूक करते हैं। सच यह है कि भारत नहीं, भारत का शासन बदल गया है…
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Jun- 2021 -16 Juneसमाज
वर्ग और जाति
वीरेन्द्र यादव की फेसबुक वॉल पर जाति और वर्ग के बारे में डॉ. राममनोहर लोहिया के विचार के एक उद्धरण* के संदर्भ में : जाति हो या वर्ग, दोनों ही सामाजिक संरचना की प्रतीकात्मक श्रेणियाँ (Symbolic categories) हैं। भले…
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14 Juneराजनीति
बंगाल की पराजय के साथ ही मोदी काल का अन्त
सच कहा जाए तो बंगाल के चुनाव के साथ ही भारत की राजनीति का पट-परिवर्तन हो चुका है। दार्शनिकों की भाषा में जिसे संक्रमण का बिंदु, event कहते हैं, जो किसी आकस्मिक अघटन की तरह प्रकट हो कर अचानक…
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May- 2021 -2 Mayपश्चिम बंगाल
बंगाल के चुनावी संघर्ष में अवसादग्रस्त व्यक्ति की फ्रायडीय मृत्यु प्रेरणा
सीपीआई(एम) के अभी के छद्म सिद्धांतकारों ने पश्चिम बंगाल में अपना काम कर दिया है। राज्य में सीपीआई(एम) की संभावनाओं तक को जैसे हमेशा के लिए दफ़्न कर दिया है। सीपीआई(एम) के ये सिद्धांतकार एक लम्बे अर्से से द्वंद्वात्मकता प्रक्रिया…
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Apr- 2021 -30 Aprilराजनीति
मोदी के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना रुख़ के मूल में संघ की फ़ासिस्ट विचारधारा
आज कोरोना के डरावने मंजर को देखते हुए पूरी मोदी सरकार का बंगाल में डेरा डाल कर बैठे रहना, या जब भारत में संक्रमण की दर ने सारी दुनिया के लोगों को चिंतित कर दिया है, तब मोदी का…
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12 Aprilपश्चिम बंगाल
बंगाल में बीजेपी के बारे में प्रशांत किशोर का आकलन अतिशयोक्तिपूर्ण
बीजेपी को 2019 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में 40 प्रतिशत मत मिले थे। वह 2016 के विधान सभा चुनाव में बीजेपी के 10.2 प्रतिशत मतों से एक लंबी छलांग थी। लेकिन टीएमसी के 43 प्रतिशत मत प्राय: स्थिर…
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