yadvendra
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मुद्दा
प्रकृति,पर्यावरण और संगीत
जब स्पेन में कोरोना महामारी की भयावहता के कारण तीन महीनों के लॉक डाउन का अन्त हुआ तो उसके अगले दिन (22 जून) बार्सिलोना के ऐतिहासिक कंसर्ट हॉल में महान इतालवी संगीतकार गैकोमो पोचीनी (Giacomo Puccini) की अत्यन्त लोकप्रिय…
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शख्सियत
जाति उन्हें अदृश्य बना देती है
यादवेन्द्र दक्षिण भारत के प्रख्यात शास्त्रीय गायक टी एम कृष्णा निरन्तर कर्नाटक संगीत में व्याप्त वर्ण व्यवस्था या यूं कहें कि ब्राह्मणवादी वर्चस्व पर चोट करते रहे हैं, उस पर सवाल उठाते रहे हैं। इसको लेकर उनकी पारम्परिक यथास्थितिवादियों…
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अंतरराष्ट्रीय
कोरोना बन्दी के सांस्कृतिक योद्धा
यादवेन्द्र पूरी दुनिया में कोविड 19 की चपेट में आने पर सम्भावित मानव विनाश के मद्दे नजर अन्य गतिविधियों के साथ साथ सांस्कृतिक गतिविधियाँ महीनों से पूरी तरह ठप पड़ी हुई हैं – औद्योगिक कामकाज तो नए ढंग…
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मुद्दा
क्या क्या कागज दिखाएँ
यादवेन्द्र कितने निर्दोष और सरल हैं ये लोग जो थोड़े थोड़े अंतराल पर चुपके से यह बुदबुदा देते हैं कि नागरिकता संशोधन विधेयक पर कभी मन्त्रिमण्डल में बात ही नहीं हुई – राष्ट्रपति से लेकर देश के प्रधान…
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देश
कितना डरते हैं अन्यायी शासक
यादवेन्द्र उन्नीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध से बिहार से लाखों की संख्या में गरीब खेतिहर किसानों, मजदूरों और बेरोजगार पुरुषों और स्त्रियों को मामूली कर्जों की शर्तों में बाँध कर और खुशहाल व इज्जतदार जिन्दगी का सपना दिखा कर ब्रिटिश…
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व्यंग्य
अब झूठ बोलना पाप नहीं है – यादवेन्द्र
यादवेन्द्र मुझे अच्छी तरह याद है कि उस दिन शाम मैंने अपनी जेब में 2000 रुपये का एक नोट रखा था और उसमें पहले से कुछ और छोटे नोट पड़े थे। अगली सुबह जब मैंने अपनी जेब देखी तो उसमें बाकी…
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