Bollywood
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मीडिया
समाज को समझने के लिए लोकप्रिय फ़िल्मों का अध्ययन
सिनेमा सामाजिक परिवर्तन के लिए काम करने वालों के लिए एक सशक्त माध्यम है। समाज में जो चल रहा है और जिस तरह की आकांक्षाएं उस समय के लोगों के मन में पल रही हैं इसकी समझ के लिए सिनेमा…
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स्तम्भ
जन्मदिन विशेष : ‘बस एक बार मेरा कहा मान लीजिए’…
sablog.in डेस्क – वो बॉलीवुड के लिए आज भी बिंदास हैं, क्योंकि वो आज भी उतनी ही हसीन और जवान हैं जितनी आज से तीस साल पहले थीं। जी हां, बात हो रही है बॉलीवुड की उमराव जान की, जिनकी…
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सिनेमा
जन्मदिन विशेष : हर फिक्र को दरकिनार करके आगे बढ़ने वाला अदाकार
‘ना सुख है, ना दुख है, ना दिन है, ना दुनिया, ना इंसान, ना भगवान… सिर्फ मैं हूं, मैं हूं, मैं हूं… मैं… सिर्फ मैं…’ साल 1965 में रिलीज हुई फिल्म ‘गाइड’ का यह डायलॉग आज भी उतना ही प्रासांगिक…
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