स्वास्थ्य सेवा बजट
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देश
निजीकरण की बजाय समुदायिकरण पर हो जोर
भारत की आत्मा भले ही गांवों में बसती हो, लेकिन आजादी के 72 साल बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जैसी बुनियादी और मूलभूत सुविधाओं का खासा अभाव है। आज जब कोरोना जैसी महामारी ने गांव में फैलकर ग्रामीणों…
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