सुशान्त मिश्रा
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शख्सियत
उपेक्षितों की देवी फूलन
फूलन की भारतीय समाज में उतनी ही हिस्सेदारी है जितनी कि प्रधानमन्त्री की बेटी इंदिरा की, अन्तर इतना है कि फूलन का जन्म देवीदीन निषाद के घर हुआ था, जो न तो इज्ज़तदार थे न ही जमींदार, देवीदीन न…
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मुद्दा
निषाद कल और वर्तमान : लोकतन्त्र में उसके सरोकार
विश्व की किसी भी संस्कृति का विस्तार करने वाले व उसके वाहक नाविक ही होते हैं, संस्कृति का बीज उन्हीं में छिपा होता है, भारत की संस्कृति को सूदूर दक्षिण एशियाई देशों व विश्व के कोने-कोने तक ले जाने…
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