संताल विद्रोह पर विशेष
-
समाज
संताली गीतों में हूल की विरासत
हूल वह स्थाई सन्दर्भ है जो संतालों के जीवन और उनके गीतों में मौजूद दिखाई पड़ता है। यह स्वाभाविक भी है क्योंकि हूल से पहले संताल समुदाय अपने शांति-सौहार्द्रपूर्ण जीवन पद्धति की वजह से शोषकों के सामने निरीह बना…
Read More » -
सामयिक
शोषण, अत्याचार और आर्थिक असंतोष बना संताल विद्रोह
30 जून 1855 को संताल परगना में अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ। संताल विद्रोह का मुख्य कारण था महाजनों और साहूकारों के शोषण और अत्याचारों के खिलाफ संतालों का आर्थिक असंतोष। महाजनों और साहूकारों को दामिन-ए-कोह में…
Read More »
