किशन कालजयी
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Dec- 2017 -12 Decemberमुनादी
कठिन समय में गाँधी
सभ्यता के विकास-क्रम में आज मनुष्य जिस चौतरफा संकट से घिरा हुआ है, ऐसा इसके पहले कभी नहीं था। बाजारोन्मुख उपभोक्तावादी संस्कृति ने मनुष्य की मानसिकता को भोग-विलास की भावना से जिस कदर भर दिया…
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12 Decemberमुनादी
व्यापक सांस्कृतिक आन्दोलन की जरूरत
आज के समय में साहित्य के सामने जो संकट है वह इस रूप में इसके पहले कभी नहीं था। दुर्भाग्यवश हिन्दी समाज और हिन्दी साहित्य का संकट बाकी भारतीय भाषाओं की तुलना में थोड़ा ज्यादा है। मौजूदा समय की…
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