raj darbar

  • खुला दरवाजा

    एक थी गौहर जान

      उन्नीसवी सदी के उत्तरार्द्ध और बीसवी सदी के पूर्वार्द्ध ने भारतीय अर्द्ध्शास्त्रीय और सुगम संगीत का स्वर्णकाल देखा था। ठुमरी, दादरा और तराना के अलावा कजरी, पूरबी, चैती और ग़ज़ल गायिकी के विकास में उस दौर के तवायफों के…

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