Globalization and the question of cultural acceptability
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सामयिक
भूमंडलीकरण और सांस्कृतिक ग्राह्यता का प्रश्न: श्वेत एवं स्याह पक्ष
वर्तमान परिदृश्य (भूमंडलीकरण) में वैश्विक बाज़ार–व्यवस्था एवं सांस्कृतिक तादात्म्य के औचित्य–अनौचित्य के मुद्दे पर यदा–कदा यथाप्रसंग चर्चा–परिचर्चा होती रहती है। यदि यह कहा जाए कि वैश्विक बाज़ार–व्यवस्था ने भारत के समाजार्थिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं को बहुत हद तक प्रभावित…
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