Bhimrao Ambedkar
-
शख्सियत
रक्त के मिश्रण से ही अपनेपन की भावना पैदा होगी
डॉ. भीमराव आम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को हुआ, वे जन्म से अस्पृश्य थे। आम्बेडकर अभावों और अस्पृश्यता के साथ जुड़े कलंक से जूझते हुए ही पले बढ़े। उच्च शिक्षा प्राप्त कर ऊँचे पदों पर पहुँच जाने पर…
Read More » -
साहित्य
अम्बेडकर के बिना अधूरा है दलित साहित्य
समाज परिवर्तनशील है तो समाज की मान्यताएँ भी परिवर्तनशील होनी चाहिए और परिवर्तनशील समाज का साहित्य भी परिवर्तशील होना चाहिए, क्योंकि साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता है और दर्पण में वही दिखना चाहिए जो सामने है। क्या भारतीय…
Read More »
