baba bholenath
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साहित्य
कहानी : खामोशी के मायने और आम का बगीचा
अभिषेक मिश्रा सरसों के फूलों से पटे खेतों के बीच बनी पगडंडी से गुजरते कहार डोली लेकर दूसरे गांव जा रहे थे। कल उसकी शादी हुई और आज विदाई। डोली के परदे को पीछे हटाकर तिरछी नजरों से…
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