हिन्दी में नये नवजागरण की सम्भावना
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भाषा
हिन्दी चिन्तन जगत में नये नवजागरण की सम्भावना
हर भाषा का अपना एक समाजशास्त्र होता है। उसका एक दार्शनिक पक्ष भी होता है। भाषा समाज के सामूहिक चेतना का वाहक होती है। समाज में होने वाले परिवर्तनों की पूर्व सूचना उस भाषा में रचे गये साहित्य से…
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