शरद दत्त
-
शख्सियत
रेडियो के मार्फत मंटो के नाटक
मंटो को उर्दू और हिन्दी के अधिकतर पाठक उन्हें उनकी बेशुमार कहानियों को लेकर जानते हैं। जितना उन्हें उर्दू के लोग जानते हैं, उससे कम हिन्दी के लोग नहीं जानते हैं। बल्कि दोनों भाषाओं के पाठकों के बीच इतना…
Read More »