ये जीभ मानती नहीं इसको मैं क्या करूँ
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रामपुर की रामकहानी
ये जीभ मानती नहीं इसको मैं क्या करूँ?
रामपुर की रामकहानी-17 सुखदेव काका को नहारी ( नाश्ता) पहुँचाने का काम मेरा था। स्कूल जाने से पहले मुझे नहारी लेकर खेत में जाना पड़ता था। माँ उनके लिए उबला हुआ चना या अरहर या मसूर या चावल का…
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