भारतीय कांग्रेस
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व्यंग्य
राहुल जी, आप निराश न हों – वेद प्रकाश भारद्वाज
वेद प्रकाश भारद्वाज नोटः प्रिय पाठकों, कल बाजार से गुजरते समय मुझे सड़क पर पड़ा यह पत्र मिला जो किसी कांग्रेस भक्त ने अपने नेता को लिखा था पर शायद डर के कारण उन्हें भेज नहीं पाया। उस…
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अभिवंचित बोल सकता है
‘यह कहना आज गुनाह होगा कि इन्द्रावती में तैर रही लाशों का अपना पक्ष है’ ऊपर लिखी गयी पंक्तियाँ कवि मित्र अनुज लुगुन की हैं. भारतीय समाज में अगर आदिवासी समाज की गिनती अत्यधिक अभिवंचित समाज के रूप में…
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