डॉ.कृष्णबिहारी मिश्र की दरवेशी दृष्टि
-
साहित्य
डॉ.कृष्णबिहारी मिश्र की दरवेशी दृष्टि
लेखक तीन तरह के होते हैं। एक वे जो लिखते हैं, मगर लेखक नहीं होते। दूसरे वे जो एक्टिविस्ट होते हैं और लिखते हैं। तीसरे तरह के विरल लेखक वे होते हैं जो लिखते हैं और लेखक होने के…
Read More »