आशीष कुमार शुक्ल
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सिनेमा
चारुलता के मार्फ़त सत्यजित राय की सिनेमाई-दृष्टि पर एक नज़र
अजीब पशोपेश में हूँ। महान फिल्मकार से कैसे संवाद करूं? जमीन पर खड़ा मैं, शिखर पर सत्यजित राय और उनका सिने-संसार। काफी फासला है दर्शक और निर्देशक के बीच। और फासला भी कई अर्थों में। जैसे, मै ठेठ उत्तर-…
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सामयिक
आपदा की कसौटी पर लोक और तन्त्र
आशीष कुमार शुक्ल विश्व के लिए यह कोरोना काल भले ही एक मानवीय त्रासदी की तरह हो, परन्तु यह लेख इसे भारत जैसे उदार-लोकतन्त्र में एक राजनीतिक त्रासदी के रूप में देखता है। एक ऐसी त्रासदी जिसमें ‘हम,…
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