तेजस पूनियां
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Mar- 2022 -21 Marchसिनेमा
जीवन के स्याह पक्ष को उभारती ‘पसंद नापसंद’
{Featured in IMDb Critics Reviews} एक लड़का है जो अपने साथ पढ़ने वाली लड़की से प्यार, मोहब्बत करता है। ऐसा नहीं है कि वह लड़की उसे नहीं चाहती। वह लड़की भी उस लड़के को खूब चाहती है। मगर…
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4 Marchसिनेमा
जरूरी सवाल करती ‘वंदे भारत होप टू सर्वाइवल’
{Featured in IMDb Critics Reviews} कोरोना वायरस अटैक मार्च 2020 का समय, लॉकडाउन लगे हुए दो महीने हो चले हैं। ऐसे में विदेशों में फंसे सैंकड़ों भारतीयों को लाने की कवायद शुरू की गई। जिसे नाम दिया गया…
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Feb- 2022 -25 Februaryसिनेमा
कमाठीपुरा के बाज़ार में खड़ी ‘गंगूबाई’
{Featured in IMDb Critics Reviews} ‘कहते हैं कमाठीपुरा में कभी अमावस की रात नहीं होती।’ यह संवाद सुनते हुए निर्माता, निर्देशक ‘संजय लीला भंसाली’ की फ़िल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के लिए जोर से तालियां बजाने का दिल करता है।…
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25 Februaryसिनेमा
अपनी ही राह पर दौड़ती ‘लव हॉस्टल’
एक तरफ़ मुस्लिम जाट लड़का दूसरी ओर हिन्दू जाट लड़की। दोनों में प्यार हुआ। कैसे? कब? कहाँ मिले? जरूरी नहीं बताना। लड़की के परिवार वाले लड़की को मारना चाहते हैं। यहाँ तक की उसका छोटा भाई जो अभी नाबालिग…
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19 Februaryसिनेमा
फ्लॉवर और फायर के बीच ‘पुष्पा’
{Featured in IMDb Critics Reviews} पुष्पा, पुष्पा, पुष्पा पिछले दो महीनों से यही नाम घूम रहा है सिनेमा की दुनिया में। हर कोई दीवाना कोई किसी के लिए क्यों होगा? वो भी ऐसे कैरेक्टर के लिए जो भले…
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10 Februaryसिनेमा
अकड़, ठसक और प्यार ‘गौरव की स्वीटी’ में
आजकल ओटीटी प्लेटफॉर्म की बाढ़ सी आई हुई है। कुछ समय पहले राजस्थान में ओटीटी प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया था। तो इधर हरियाणा का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म भी बना ‘स्टेज एप्प’ एम एक्स प्लेयर, हॉट स्टार, नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम…
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2 Februaryसिनेमा
‘दाहक’ ये आग बनी रहनी चाहिए
इस देश में दलित, पिछड़ों, वंचितों को ऊपर उठाने के इरादे से बरसों पहले देश में संविधान बनाया गया। हालांकि इसके साथ-साथ लिखित संविधान में और भी कई बातें लिखित हैं। लेकिन उन्हें मानता, जानता कौन है? या कहें…
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1 Februaryसिनेमा
एक्शन, इमोशन, रोमांच का ओवरडोज ‘मरजाने’ में
{Featured in IMDb Critics Reviews} पंजाब के सिनेमा में उम्दा फिल्में कम ही बन पाती हैं। ज्यादातर फिल्में कॉमेडी के साथ-साथ कमाई करने के इरादे से कमर्शियल सिनेमा बनाया जाता है। हालांकि ‘मरजाने’ भी कमर्शियल सिनेमा से अछूती…
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Jan- 2022 -29 Januaryपुस्तक-समीक्षा
ताज़ा खिले गुलाब की पहली खुशबू सा ‘आदिवासी कथा आलोचना विशेषांक’
आदिवासियों को लेकर पहला जहन में जो ख्याल आता है वह सिनेमा में हमें दिखाए गए उनके स्वरूप को लेकर ही आता है। पेड़ों की पत्तियों को वस्त्र बनाना, पौधों के फूलों को गहना साथ ही अजीब-अजीब सी भाषा…
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Nov- 2021 -11 Novemberसिनेमा
एंटरटेनमेंट बोले तो ‘सूर्यवंशी’ बाकी खोखली
{Featured in IMDb Critics Reviews} सूर्यवंशी फ़िल्म दिवाली के एक दिन बाद सिनेमाघरों में रिलीज हुई और अब कोरोना के बाद जब लगभग सभी जगह 100 फीसदी क्षमता के साथ थिएटर्स खुल चुके हैं। तो सूर्यवंशी कोरोना के…
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