zoomin
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जूम इन
और नहीं बस और नहीं
जनता गरम हवा में पकौड़े छानने लगती है, जब राजनेता घोषणाओं के जुमले से हवा गरम कर देते हैं। चुनाव जुमलों की पतंगें उड़ाने का पर्व होता है। घोषणाएँ अब वादा नहीं, बिना हार्डवेयर का कम्प्यूटर हैं। जब तक…
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जूम इन
तेरा क्या होगा कालिया? कालिया नहीं, आलिया कहिए जनाब
सुशांत की मौत सपने की मौत है। सपने की मौत होती है तो दर्द गहरा होता है। गहरी पीड़ा से सारा हिंदुस्तान कराह रहा है। कराहता हुआ हिंदुस्तान न्याय माँग रहा है। न्याय है जो नाच रहा है। कहना…
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