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परती परिकथा
फासिज्म का आरोप और भारतीय लोकतन्त्र
भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि यहाँ वैचारिक संघर्ष हमेशा बहुस्तरीय रहे हैं। स्वतन्त्रता आन्दोलन के समय से ही राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, सांस्कृतिक पहचान और लोकतन्त्र की विभिन्न अवधारणाएँ एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करती रही हैं।…
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आवरण कथा
क्या भारतीयता एक खोया स्वप्न है
शम्भुनाथ क्या भारतीयता में अब कोई आकर्षण नहीं बचा है? क्या यह अन्धों का हाथी है? यदि देखा जाय, भारतीयता को एक कल्पित चिन्तन माना गया या इसे ‘हिन्दुकरण’ में सीमित कर दिया गया| कई बुद्धिजीवियों को यह…
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