सांस्कृतिक पत्रकारिता का संकट
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मीडिया
सांस्कृतिक पत्रकारिता का संकट
पिछले दिनों कोलकाता में हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दो कार्यक्रम आयोजित किए गये और प्रभात खबर ने अपने अख़बार का पूरा एक पृष्ठ इस पर केन्द्रित किया। लेकिन यह दुखद आश्चर्य है कि…
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