सत्ता की दुर्गति का आधार है सुख सुविधाओं की अति
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सामयिक
जनता त्रस्त, नेता मस्त
सरकार/सत्ता में चेहरा बदलता हैं चाल और चरित्र नहीं। सारे नेताओं का चाल और चरित्र सत्ता मिलते ही वैसा ही हो जाता है जैसा पूर्ववर्ती सत्ता पक्ष के लोगों का होता है। नेता जब तक सत्ता में नहीं होता…
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