विजयसिंह की ‘जगरगुंडा में एक दिन’
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यत्र-तत्र
कविता में बस्तर
भारत में आदिवासी जीवन-पद्धति को लेकर उदग्र उत्सुकता रही है। स्वतन्त्रता-प्राप्ति के बाद हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं में बरसों तक बस्तर पर, विशेषतः घोटुल को लेकर, विपुल सामग्री प्रकाशित होती रही। नेहरू-एल्विन नीति और जनजाति आयोग की रिपोर्ट के बाद बस्तर…
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