भाषाओं के विकास के बिना हमारा विकास भी संभव नहीं

  • भाषाआधुनिक हिन्दी

    “हिन्दी को नहीं, फ़र्क़ हमें पड़ता है”

      नई दिल्ली हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में राजकमल प्रकाशन समूह द्वारा इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर सभागार में ‘हिन्दी को फ़र्क़ पड़ता है!’ विषय पर केन्द्रित परिचर्चा ‘सभा’ का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में सम्पादक व भाषा विशेषज्ञ…

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