बीसवीं सदी और आज के हिन्दी सिनेमा में दलित नायक
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सिनेमा
बीसवीं सदी और आज के हिन्दी सिनेमा में दलित नायक
हिंदुस्तान की महाकाव्य परम्परा में नायक के लिए लक्षण होते थे। आचार्य विश्वनाथ के अनुसार “महाकाव्य का नायक कुलीन, क्षत्रिय या देवता होना चाहिए”। जाति और देवत्व का भाव समय के साथ आधुनिक साहित्य में तो खत्म हो गया,…
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