परंपरा और प्रगति:गुनाहों का देवता के संदर्भ में
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प्रसंगवश
परंपरा और प्रगति : गुनाहों का देवता के संदर्भ में
धर्मवीर भारती के जयंती पर विशेष ‘गुनाहों का देवता’ उपन्यास का नाम लेते ही जहाँ एक पाठक वर्ग उसे अत्यंत भावुक रोमांटिक और लोकप्रियता की चरम छवि में संजो कर रखता हैं तो दूसरी ओर बौद्धिक, आलोचनात्मक प्रौढ़ विद्वान्…
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