नये राजनीतिक इतिहास की जरूरत
-
परती परिकथा
नये राजनीतिक इतिहास की जरूरत
राजनीतिक इतिहास के पुनर्लेखन के बिना आज की राजनीतिक स्थिति में आए गुणात्मक अन्तर की पहचान मुश्किल है। आज सिर्फ राजनेतागण पार्टी लाइन पर विभाजित नहीं हैं, उस पर विचार करने वाले पत्रकार और बुद्धिजीवी भी राजनीतिक पार्टी लाइन…
Read More »