धर्म और राजनीति का घालमेल – एक
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चिन्तन
धर्म और राजनीति का घालमेल – तीन
पिछला भाग – धर्म और राजनीति का घालमेल – दो कैसे रुके वर्चस्व का खेल? राजनीति, इहलोक का विषय है और धर्म, परलोक का। कह सकते हैं कि दोनो में घालमेल ठीक नहीं; फिर भी यह हमेशा से होता रहा है।…
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चिन्तन
धर्म और राजनीति का घालमेल – दो
पिछला भाग – धर्म और राजनीति का घालमेल – एक एक आइना, भारतीय राजनीति आमजन के लिए मजहब, आस्था का विषय है, धार्मिक-राजतांत्रिक सत्ता के लिए वर्चस्व का, मीडिया के लिए रेटिंग व पूर्वाग्रह का और वर्तमान भारतीय नेताओं के लिए…
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चिन्तन
धर्म और राजनीति का घालमेल – एक
आशंका और आकांक्षा एक दिन मैने अपनी बेटी से उसकी सबसे अच्छी सहपाठिन का नाम पूछा। उसका जवाब था – ”नूर। वह मुसलमान है।” मैं सन्न रह गया। नूर, स्कूली वर्दी में आती है। उसके शरीर पर मुसलमान होने का…
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