जेएनयू में नामवर सिंह
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साहित्य
आत्मकथाओं और संस्मरणों के बहाने
इन दिनों एक नियमित अंतराल पर हिन्दी में आत्मकथाओं और संस्मरणों के प्रकाशन का सिलसिला चल निकला है। हर गुजरते साल के साथ ऐसी एकाध दर्जन रचनायें सामने आ रही हैं। कहना ना होगा कि दलित आत्मकथाओं के लगातार…
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