आदिवासी नक्सली
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अभिवंचित बोल सकता है
‘यह कहना आज गुनाह होगा कि इन्द्रावती में तैर रही लाशों का अपना पक्ष है’ ऊपर लिखी गयी पंक्तियाँ कवि मित्र अनुज लुगुन की हैं. भारतीय समाज में अगर आदिवासी समाज की गिनती अत्यधिक अभिवंचित समाज के रूप में…
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