अपने ही देश में दम तोड़ती हिन्दी
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विशेष
भारत में अँग्रेजी राज के पाँव उखाड़ी थी हिन्दी
कांग्रेस के जन्म से लगभग ग्यारह वर्ष पहले 23 मार्च 1874 की ‛कवि वचन सुधा’ में स्वदेशी के व्यवहार के लिए एक प्रतिज्ञा-पत्र प्रकाशित हुआ था, जिस पर कई लोगों के हस्ताक्षर थे। तब महात्मा गांधी की उम्र लगभग…
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मुद्दा
अपने ही देश में दम तोड़ती हिन्दी
भारत प्रारम्भ से ही उत्सवों, उल्लासों और त्यौहारों का देश रहा है। यहाँ अनेकता में एकता की भावना जड़ जमाई हुई है। यहाँ की विविधता को देखते हुए ही यह धारणा भी प्रचलित है कि कोस-कोस में पानी बदले,…
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